अगर आप भी हीमोहिम के फायदे (Hemohim ke fayde/Hemohim Benefits)जानना चाहते हैं तो आप
बिल्कुल सही Blog Post पर आए हैं.
हीमोहिम बारे में हम आपको पूरी जानकारी देंगे बहुत ही सिंपल भाषा में
और आराम से आपको बताएंगे.
तो दोस्तों हीमोहिम एक फंक्शनल हेल्थ सप्लीमेंट है. नेटवर्क
मार्केटिंग इंडस्ट्री और एटॉमी का पिछले 3 साल में सेल्स वाइज
सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट हीमोहिम ही है यह गूगल पर आप सर्च भी सकते
हैं.
अब बात करते हैं कि हीमोहिम की हिस्ट्री के बारे में, क्यों इसको बनाने
की जरूरत पड़ी ?
कैरी (Korean Atomic Energy Research Institute) के बारे
में आप सभी जानते हैं, यह Research Center है जहां हजारों Scientists और
Researchers काम करते हैं, research करते हैं. कैरी के अंदर
nuclear radiation का बहुत ज्यादा खतरा है.
तो nuclear radiation से बचने के लिए (जो हम सभी को पता है कि
हमारी बॉडी के लिए बहुत ज्यादा खतरनाक होते हैं) से बचने के लिए हीमोहिम
बनाने की सोची गई तथा कैरी के scientists को एक प्रोजेक्ट
दिया गया और जब हीमोहिम का प्रोजेक्ट दिया गया तो यह नेशनल प्रोजेक्ट था. 1997
में हीमोहिम के ऊपर काम शुरू किया गया. 8 साल लगे और इसको बनाने में
लगभग 4 .8 बिलियन डॉलर की लागत आई, जब हीमोहिम तैयार
हुआ यह फूड सप्लीमेंट था, एक इम्यूनिटी बूस्टर था के अंदर एंटी कैंसर
प्रॉपर्टीज थी मतलब कैंसर से लड़ने की क्षमता थी. और भी कई सारे फायदे थे. जब इसके
इतने सारे आश्चर्यजनक फायदे देखे गए तो आम नागरिकों के लिए भी इसको उपलब्ध
कराया गया. अब इसके आगे एक और चैलेंज था कि इसे मार्केट में
कैसे उतारा जाए, तब इसे एटॉमी के द्वारा मार्केट में उतारा
गया और हीमोहिम आपको केवल एटॉमी के द्वारा ही मिल सकता है
आप आप बिना एटॉमी के इसे नहीं ले
सकते. हीमोहिम एक पेटेंट प्रोडक्ट है, जिसे पेटेंट कराया गया है साउथ कोरिया
,यूरोप , अमेरिकाऔर जापान में. तो एटॉमी में हीमोहिम
एक पेटेंट प्रोडक्ट है इसका लाइसेंस नंबर आदि हैं
हीमोहिम काम क्या करता है ?
यह इम्यूनिटी बूस्टर है जो हमारी बॉडी को वायरस और बैक्टीरिया से
बचाता है, हीमोहिम किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म नहीं करता है, यह कोई दवाई
नहीं है लेकिन हीमोहिम हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर किसी
भी बीमारी का असर बहुत ज्यादा कम कर देता है
हीमोहिम के Ingredients क्या है ?
Angelica gigas Nakai, Cnidium officinale Makino, and Paeonia japonica Miyabe बहुत ही एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ यह बने हुए हैं ,रेडिएशन टेक्नोलॉजी के साथ.
यह तीनों Ingredients भी कोरियन मिनिस्ट्री
ड्रग्स एंड फूड सप्लाई से रजिस्टर्ड है.
अब बात करते हैं हीमोहिम की पैकिंग के बारे में तथा इसे कैसे लेना है ?
जब भी आप एटॉमी में हीमोहिम को ऑर्डर
करेंगे तो आपको एक बड़ा सा बॉक्स मिलेगा . इससे बड़े बॉक्स में10
छोटे-छोटे बॉक्स होंगे. हर छोटे बॉक्स में 6 sachets होंगे, हर
एक sachets 20ml का होगा. तो टोटल क्वांटिटी हमारे पास होगी20ml के
60 sachets .
1 दिन में आप दो sachets ले सकते हैं एक सुबह एक
शाम, हीमोहिम हम अगर खाली पेट लेंगेतो यह बहुत ही ज्यादा असरदार होता
है,अगर आप कोई दवाई ले रहे हैं तोआप इसे या तो दवाई से एक घंटा पहले ले यह घंटा
बाद ले.एक बार में दो sachets नहीं लेने हैं उनमें कम से कम 3-4 घंटे का
gap रखना है.
हीमोहिम को कौन नहीं ले सकता है ?
जिसको हृदय रोग है, हाई ब्लड प्रेशर है, ब्लड डिसऑर्डर है छोटे
बच्चे,गर्भवती महिलाएं
हीमोहिम कौन ले सकता है ?
इसको कोई भी ले सकता है. कोई भी स्वस्थ इंसान, डॉक्टर से परामर्श
करके कोई रोगी भी इसे ले सकता है.
किन किन बीमारियों के लिए हीमोहिम लाभकारी है ?
- थकावट महसूस करने में
- एनीमिया की प्रॉब्लम में
- बहुत वीकनेस होने पर
- सीजनल एलर्जी होने पर
- बॉडी पेन हो
- बैक पेन हो
- जॉइंट पेन हो
- थायराइड हो
- डायबिटीज हो
- इम्यूनिटी डिसऑर्डर हो
- कैंसर रोगी हो
तो इन सब रोगों के प्रभाव को हीमोहिम कम करता है यहां में
एक बार फिर याद दिला दूं कि किसी खास बीमारी का इलाज करने के लिए इस्तेमाल नहीं
होता. यह कोई दवाई नहीं है. यह आपकी इम्युनिटी इतनी बढ़ा देता है कि बीमारी
का असर बहुत ज्यादा कम हो जाता है
दोस्तों मैं आशा करता हूं कि हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपके काम आई
होगीऔर आप समझ पाए होंगे के हीमोहिम के कितने फायदे हैं.
हमारा Blog Post पढ़ने के लिए धन्यवाद !!


